कर्म सदा साथ रहते हैं |

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एक बार दो भाई थे । बड़े भाई का नाम सोहन और छोटे भाई का नाम रोहन था । सोहन बहुत ईमानदार था । वह हमेशा अच्छे काम करता और सदैव दूसरों की मदद करता जबकि छोटा भाई रोहन बस इधर-उधर मौज उड़ाता । दिन-रात ऐश करता , शराब पीता व नाचने वाली के पास रोज जाता ।

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रोज रोज गलत काम करके भी ऐश उड़ाता और सोहन जैसे तैसे जीवन चलाता।

बड़ा भाई सोहन अच्छे कर्म करने के लिए रोहन को उत्साहित करता और कहता कि अच्छे कर्म करो जबकि रोहन भी सोहन को अपनी तरह मौज उड़ाने को कहता । वह कहता कि मेरी तरह जियो , ऐश करोगे । पर दोनों ही एक दूसरे की बात नहीं सुनते ।

1 दिन सोहन कहीं से घर की तरफ आ रहा था ।तभी उसके पैर में एक कील गढ़ गई । अब वह कराहता हुआ घर पहुंचा । तभी रोहन भी घर आ गया ।

सोहन ने रोहन से कहा कि “मेरे लिए जल्दी से पानी लेकर आओ और मरहम लगाओ” तो रोहन ने पूछा “क्या हुआ यह चोट कैसे लगी ।”

सोहन ने सारी बात बताई । तभी रोहन हंसने लगा और बोला कि मेरी तरह क्यों नहीं जीते । देखो आज मुझे हीरों का हार मिला है । मैं तो ऐश करता हूं , तुम अच्छे अच्छे कर्म करके भी परेशान रहते हो ।

देखो आज ही तुम्हें चोट लग गई और मुझे हीरो का हार मिला । सोहन बोला कि कुछ ना कुछ तो गड़बड़ है । क्यों ना हम दोनों अपनी कुंडली किसी पंडित से जांच करवाएं और पता लगाएं कि आखिर ऐसा क्यों है कि मैं अच्छे कर्म करके भी परेशान हूं और तुम गलत काम करके भी ऐश कर रहे हो ।

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दोनों शहर के एक बड़े विद्वान पंडित के पास अपनी कुंडली लेकर गए । पंडित ने पहले सोहन की कुंडली देखी तो बोला कि “यह किस मनहूस की कुंडली ले आए इसकी तो आज मृत्यु तय है ।” फिर रोहन की कुंडली देखी तो बोला “अरे वाह ! यह किसकी कुंडली है इसका तो आज मंत्री बनना तय है इससे मुझे मिलवा दो ।”

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सभी रोहन उत्सुक होकर बोला से यह हमारी कुंडली है । पंडित ने दोनों से पूछा कि क्या करते हैं ? तब दोनों ने अपने बारे में बताया । तब पंडित सोहन से बोला “कि सब कर्मों का खेल है , आज तुम अच्छे कर्म करते हो इसलिए केवल तुम्हें कील से चोट लगी , वरना आज तुम्हारी मृत्यु तय थी । आज तुम्हारे अच्छे कर्मों ने तुम्हें एक नया जीवन दिया है।”

अब पंडित रोहन से बोला कि ” तुम गलत काम करके जीवन चला रहे हो और उससे जो मिलता है तुम उसी से खुश हो । वरना तुम्हारे भाग्य में राजयोग लिखा है । परंतु तुम्हारे गलत कर्मों के कारण आज तुम्हें केवल एक हार ही मिला । यदि तुम अच्छे कर्म करते तो आज तुम एक मंत्री पद पर विराजित होते ।”

दोनों को सही सलाह देकर पंडित ने विदा किया ।

यह kahaniyan acchi acchi हमें सिखाती है कि कर्म हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं यदि हम अच्छे कर्म करते हैं तो जीवन में सदैव कुछ अच्छा ही पाते हैं हमारे कर्म हमें रंक से राजा भी बना सकते हैं तो अच्छे कर्म करते रहिए और जीवन में ढेर सारी खुशियां बटोरते रहिए ।

मेरे ब्लॉक पर कहानियां अच्छी अच्छी पढ़ते रहिए ।

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