जादुई बांसुरी की कहानी

Jadui Bansuri ki kahani : एक बार एक गरीब लड़का अपने परिवार के साथ एक गांव में रहता  था  । वह जंगल में जाकर सूखी लकड़ियां बीनता था और फिर उन्हें बाजार में बेचता था। वह लकड़ियां बेचकर जो पैसे मिलते उनसे ही अपने परिवार का पालन पोषण करता था । कभी-कभी उसे सूखी लकड़ियां नहीं मिलती थी तो उन्हें भूखे पेट ही सोना पड़ता था।

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jadui bansuri ki kahani
Jadui Bansuri ki kahani

Jadui Bansuri Or Garib Ladka

एक बार वर्षा ऋतु के दिनों में इतनी ज्यादा बारिश हुई कि चारों तरफ पानी ही पानी भर गया । ऐसे में लड़के को सूखी लकड़ियां ढूंढना बहुत मुश्किल हो गया । कई दिन से उसके घर में खाना नहीं पका था। लड़का जंगल में सूखी लकड़ियां ढूंढते ढूंढते भूख प्यास से इतना बेहाल हो गया कि वह बेहोश हो गया ।

तभी वहां से वनदेवी गुजरी । वनदेवी को लड़के  की हालत देखकर दया आ गई । उन्होंने लड़के को एक बांसुरी दी और बोली कि ये बांसुरी रोज तुम्हें और तुम्हारे परिवार को भरपेट भोजन देगी । इतना कहकर वनदेवी वहां से गायब हो गईं।

Jadui Bansuri Ka Kamaal :

लड़के ने बांसुरी को बहुत ही आश्चर्य की नजर से देखा और हाथ जोड़कर बोला कि “हे बांसुरी देवी , मैं कई दिन से भूखा हूं । मुझे कुछ भोजन दे दीजिए ।” लड़के की इतनी बात सुनकर स्वादिष्ट स्वादिष्ट पकवानों की थालियां उसके सामने आ गईं । लड़के की खुशी का ठिकाना नहीं रहा । खाना खाकर उसने अपनी भूख शांत की और बांसुरी को लेकर अपने घर की ओर चल दिया ।

जब वह घर पहुंचा तो उसने सारी बात अपनी माँ  को बताई । वह भी बहुत खुश हुई उस दिन पहली बार लड़के और उसके परिवार को भरपेट भोजन मिला था । बांसुरी के आने के बाद उनके घर में खुशियां ही खुशियां हो गई थी । लेकिन जब लड़के की यह खुशी उसके पड़ोसी ने देखी तो उससे उसकी खुशी सहन नही हुई । 

पड़ोसी सोचने लगे कि कल तक तो इसके यहां खाना भी नहीं नसीब होता था। आजकल तो इसके घर से बड़े ही स्वादिष्ट पकवानों की खुशबू आती है । आखिर ऐसा क्या हो गया है ? पड़ोसन ने अपने पति से यह बात बताई और कहा कि वह उसके घर जाकर देख कर आए कि आखिर मामला क्या है ?

अगले ही दिन पड़ोसी लड़के के घर गया । लड़के की माँ  ने भोजन का थाल परोसा हुआ था । थाल में सजे हुए पकवानों को देखकर पड़ोसी आश्चर्यचकित हो गया और उसके मुंह में पानी भर आया । वह भी भोजन करने बैठ गया । 

भोजन करने के बाद उसने लड़के से उनकी खुशहाली का राज पूछा ।लड़के बहुत भोला था । उसने अपनी सारी बात पड़ोसी को बता दी कि कैसे उसे जादुई बांसुरी मिली थी और यह सब कुछ जादुई बांसुरी का ही कमाल है । जो वन देवी ने उसे दी है । 

जब लड़के ने पड़ोसी को वह बांसुरी दिखाई तो पड़ोसी के मन में लालच आ गया । उसने यह बात अपनी पत्नी को बताई । तब उसकी पत्नी ने कहा कि हमें उस बांसुरी को हासिल कर लेना चाहिए ताकि हमारे घर में भी ढेर सारी खुशहाली आ सके ।

बड़ी देर तक सोच विचार के बाद पड़ोसी को एक उपाय सूझा ।  उन्होंने बाजार से बिल्कुल वैसी ही दिखने वाली एक नई बांसुरी खरीदी जैसी लड़के के पास थी । पड़ोसी लड़के के घर गया और उससे बोला कि उस चमत्कारी बांसुरी (jadui bansuri) को क्या थोड़ी देर के लिए मैं अपने घर ले जा सकता हूं  । मेरी पत्नी भी उस चमत्कारी बांसुरी को देखना चाहती है । 

लड़के बहुत भोला था । उसने बांसुरी को पड़ोसी के हाथ में थमा दिया । पड़ोसी ने लड़के को बातों में फंसाया और आंख बचाकर जो वह बाजार से बांसुरी लेकर आए थे उस नकली बांसुरी से उस चमत्कारी बांसुरी को बदल दिया । बेचारा सीधा-साधा लड़का  उसे पता भी नहीं चला कि उसकी जादुई बांसुरी बदल गई है । इसके बाद भी दोनों वहां से चले गए । जब रात हुई और रात को लड़के ने बांसुरी से भोजन मांगा तो उसे कुछ भी नहीं मिला ।

लड़का और उसके परिवार को समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है । वे दोनों बहुत देर तक उस बांसुरी से विनती करते रहे, पर उन्हें भोजन नहीं मिला । अंत में पूरा परिवार भूखा ही सो गया । देखते ही देखते उनकी गरीबी वापस आ गई । कभी भोजन मिलता तो कभी भूखे पेट ही सोना पड़ता ।

एक घने जंगल में वह लड़का  लकड़ी ढूंढ़ने  गया। तब वहां उसकी मुलाकात एक बार फिर वनदेवी से हुई। वन देवी के पैर पकड़ कर वह बोला कि “हे वनदेवी मुझसे ऐसी कौन सी भूल हो गई,  जो उस बांसुरी ने भोजन देना बंद कर दिया है । अब हम फिर से भूखे मर रहे हैं । वनदेवी कुछ देर सोचने लगी और फिर बोली कि “क्या तुमने वह बांसुरी किसी को दी थी ।”

लड़का  बोला कि “हां, मैंने वह बांसुरी अपने एक पड़ोसी को दिखाई थी।” इतना सुनते ही वन देवी समझ गई कि यह काम पड़ोसी का ही है । लड़के को उन्होंने एक नई और बड़ी jadui bansuri दी और कहा कि “यह एक आलसी बांसुरी है इससे जितना मांगोगे, उससे यह दुगना देने की बात तो करेगी , लेकिन देगी कुछ भी नहीं , और अगर इससे तुमने गुस्से में कुछ भला बुरा कह दिया तो यह उठकर पिटाई भी करती है ।

लड़का  कुछ समझ नहीं पा रहा था बस उसने वनदेवी की बात को सुना और जैसा उन्होंने कहा वैसा ही करने के लिए सोच लिया । वनदेवी बोली कि “अपनी यह बांसुरी पड़ोसी को जरूर दिखाना लेकिन उसे यह मत बताना कि यह आलसी बांसुरी है इससे तुम्हारी चमत्कारी बांसुरी तुम्हें मिल जाएगी ।”

लड़का जब घर लौट आया तो पड़ोसी ने उसके हाथ में एक नई और बड़ी बांसुरी देखी । इस बड़ी बांसुरी को देखकर पड़ोसी के मन में लालच भर आया  । उसने लड़के से पूछा कि “क्या यह एक नई बांसुरी है?” लड़का बोला कि “हां भाई पहले वाली बांसुरी तो कहीं खो गई थी । आज मुझे वन देवी ने एक नई बांसुरी दी है । यह उससे भी बहुत अच्छी है । मैं अगर इससे एक मांगता हूं तो यह दो देती है ।

पड़ोसी जल्दी से अपने घर गया और उसने अपनी पत्नी को उस नई बांसुरी के बारे में सारी बात बताई। जब पत्नी  ने यह बात सुनी तो उसके मन में लालच आ गया । उसने सोचा कि क्यों ना इस पुराने बांसुरी के बदले में नई बांसुरी ले आए । दोनों पुरानी बांसुरी को लेकर लड़के  के घर गए । लड़के के घर का दरवाजा खुला हुआ था मगर अंदर कोई नहीं था ।

दबे पाव अंदर जाकर उन्होंने नई बांसुरी को उठा लिया और उसकी जगह पुरानी बांसुरी को रख दिया । ऐसा करके वे जल्दी से बाहर आ गए ।लड़का चुपचाप छुपकर यह सब देख रहा था । दोनों के जाने के बाद वह बाहर निकला और उसने जल्दी से उस जादुई बांसुरी को छुपा कर रख दिया ।

अब पड़ोसी और उसकी पत्नी अपने तेज दिमाग पर बहुत ही खुश हो रहे थे । दोनों को लग रहा था कि वह बहुत चालाक है । उन्होंने अपनी नई बांसुरी को अपने सामने रखा और उससे बोले कि “हे, बांसुरी देवी हमें एक लाख रूपये दो । बांसुरी बोली “एक नहीं दो लाख  दूंगी ।” पड़ोसी बड़े खुश हुए और पैसों  का  इंतजार करने लगे कि पैसे कब आएंगे  ? लेकिन पैसे आये ही नहीं । थोड़ी देर बाद उन्होंने फिर से बांसुरी से धन मांगा । 

नयी जादुई बांसुरी Jadui Bansuri ने सिखाया सबक

बांसुरी ने फिर वही जवाब दिया कि “एक नहीं दो दूंगी”। लेकिन आया कुछ भी नहीं । अब पड़ोसी को गुस्सा आ गया और दोनों ही चिल्लाकर उस बांसुरी से बोले कि “तुम तो एकदम बेकार बांसुरी हो कुछ भी नहीं देती हो , बस बातें बनाती रहती हो ।” तुम से तो अच्छी मेरी पुरानी बांसुरी थी । इतना कहकर पड़ोसी ने उस बांसुरी को उठाया और जोर से जमीन पर दे मारा । परंतु यह क्या हुआ अचानक से बांसुरी उठ कर खड़ी हो गई और उसने पड़ोसी और पड़ोसन की पिटाई करना शुरू कर दिया ।

भागते भागते बचते बचाते वह दोनों उस लड़के के घर पहुंचे और उससे माफी मांगने लगे और बोले कि  भाई हमें इस jadui bansuri से बचा लो । हमने तुम्हारी बांसुरी चुराने का अपराध किया है । अब हम ऐसा नहीं करेंगे बस हमे इससे बचा लो । लड़का बोला कि “मुझसे वादा करो कि तुम ऐसा फिर कभी नहीं करोगे।” पड़ोसी बोले कि “हां भाई हम ऐसा कभी नहीं करेंगे, हम वादा करते हैं ।” बस हमें अभी इस बांसुरी से बचा लो दोनों हाथ जोड़कर उसके सामने खड़े हो गए । लड़के  के कहने पर वह आलसी बांसुरी शांत हो गई । पड़ोसी और उसकी पत्नी जान बचाकर वहां से भागे। 

लड़का अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी फिर से सुख पूर्वक रहने लगा ।

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