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1. Top Motivational story in Hindi | सबसे पहले खुद को मजबूत बनाइए।

Motivational story in Hindi
Motivational stories in Hindi
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एक बार एक प्राइवेट कंपनी के ऑफिस में शोक सभा हो रही थी जहां ऑफिस के बाहर एक बोर्ड लगा था । जब ऑफिस के कर्मचारी ऑफिस पहुंचे तब उन सब ने उस बोर्ड को देखा उस बोर्ड को देखकर सब दंग रह गए क्योंकि उस बोर्ड पर लिखा था कि

“जिन्होंने आप को सफल होने से रोक रखा था या जिनकी वजह से आपकी प्रगति के रास्ते रुके हुए थे , आज उनकी मृत्यु हो गई है । आज वह हमें छोड़ कर चले गए हैं । थोड़ी ही देर बाद उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होगी । उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाएं , उससे पहले आप सब अंदर हॉल में जाकर उनके अंतिम दर्शन कर सकते हैं ।”

ऐसा बोर्ड लगा हुआ देखकर सारे कर्मचारी दुखी हो रहे थे । वे यह सोच रहे थे कि उनका कोई साथी उन्हें छोड़कर चला गया है , पर वह यह सोच कर आश्चर्यचकित थे कि आखिर ऐसा कौन है जो अचानक से इस दुनिया से विदा हो गया है ।

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साथ ही वे सब यह जानने के लिए भी उत्सुक थे कि आखिर ऐसा कौन है, जिसने हमारी राह रोकी हुई थी और आज हम उस से मुक्त हो गए हैं । आज वह हमें छोड़कर चला गया है , सारे कर्मचारी यह जानना चाहते थे कि वह कौन है ? कोई सोच रहा था , शायद बॉस होगा ! बहुत परेशान करता था । कोई सोच रहा था कि कोई सहायक कर्मचारी होगा ! जो कुछ करने ही नहीं देता था । परंतु कोई भी यह नहीं जान पा रहा था कि आखिर किसकी मृत्यु हुई है ?

दरअसल हॉल में इस तरह की व्यवस्था की गई थी कि जो अंदर जाता था वह दर्शन करके सीधा दूसरे दरवाजे से बाहर निकल जाता था । वे सब एक दूसरे से संपर्क नहीं कर सकते थे । तो सभी जो अंदर जा रहे थे , अचंभित थे कि आखिर किसकी मृत्यु हुई है ? जो भी हॉल में जाता था , बाहर निकलते हुए उसके चेहरे पर एक ऐसा भाव होता था , मानो उसे कोई झटका लगा हो । आखिर कौन था अंदर ?

जो कर्मचारी अंदर जा रहे थे , उनमें से एक कर्मचारी हमेशा यह सोच कर दुखी रहता था कि कभी कोई काम नहीं करने देता तो कभी कोई । वह बड़ा खुश था सोच रहा था कि चलो अच्छा हुआ , कि कोई तो गया, जिसने मेरा रास्ता रोका हुआ था । अब उसकी अंदर जाने की बारी आई । वह अंदर गया तो उसने देखा के अंदर एक बॉक्स था जिसमें पार्थिव शरीर रखा हुआ था ।

जब उसने बॉक्स का ढक्कन खोला तो वह हैरान रह गया । उसके अंदर कोई पार्थिव शरीर नहीं था बल्कि अंदर एक शीशा रखा हुआ था , और उसके पास एक नोट रखा था । जिस पर लिखा था कि “जिंदगी में वह आप ही हैं , जिसने खुद का रास्ता रोका हुआ है । आपने खुद ही अपनी तरक्की को रोक रखा है । आपको अपनी कमजोरियों को समझने और उनको दूर करने की जरूरत है ।” यह सब पढ़कर वह आदमी शर्मसार हो गया । उस दिन उसे समझ आया कि वह दिन भर दूसरों को दोष देता रहता था । असली कमी तो उसके खुद के अंदर थी ।

छोटी सी कहानी है लेकिन हमें सिखा देती है कि सभी के जीवन में कुछ ना कुछ कमियां हैं कुछ खामियां हैं , उन कमियों को ढूंढने और दूर करने की कोशिश कीजिए ना कि हर वक्त दूसरों में कमियां ढूंढिए । हर वक्त यह मत कहिए कि पढ़ने का या आगे बढ़ने का माहौल सही नहीं है । पहले आप खुद को अंदर से तैयार कीजिए । आज तक जितने भी लोग सफल success हुए हैं

क्या उनको खराब माहौल नहीं मिला होगा ।या जितने भी सफल लोग हुए हैं क्या उन सबको अनुकूल वातावरण मिला होगा । उन सब को भी कुछ ना कुछ कठिनाइयों चुनौतियों का सामना करना पड़ा था । सबसे पहले आप अपने अंदर की कमियों को दूर कीजिए और फिर आगे बढ़िये। पहले आप खुद को अंदर से तैयार कीजिए , अंदर से मजबूत बनाइए । फिर चाहे कैसा भी माहौल हो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा याद रखिए कि आप खुद ही हैं जिसने आपका खुद का रास्ता रोका हुआ है ।

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